Home Loan Charges in India 2025: सिर्फ EMI नहीं, जानिए क्या-क्या खर्चें देने पड़ते हैं?

खुद का घर खरीदना हर किसी का सपना होता है। लेकिन जब आप इस सपने को पूरा करने के लिए होम लोन लेते हैं, तो सिर्फ EMI देना ही काफी नहीं होता। बहुत से ऐसे hidden charges होते हैं, जिनकी जानकारी समय पर न होने पर आपकी जेब पर भारी असर पड़ सकता है।

इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि होम लोन लेते समय किन चार्जेस को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है, ताकि आप सही योजना बनाकर लोन लें और किसी भी अनजाने खर्च से बच सकें।

आवेदन शुल्क (Application Fee)

जब आप किसी बैंक या फाइनेंस कंपनी से होम लोन के लिए आवेदन करते हैं, तो सबसे पहला चार्ज होता है एप्लिकेशन फीस।

  • यह ₹1,000 से ₹10,000 तक हो सकती है।
  • ये नॉन-रिफंडेबल होती है, यानी अगर लोन अप्रूव न भी हो तो पैसे वापस नहीं मिलते।

Tip: लोन एप्लाई करने से पहले एप्लिकेशन फीस और उसकी रिफंड पॉलिसी जरूर जान लें।

प्रोसेसिंग फीस (Processing Fee)

यह सबसे कॉमन चार्ज है जो बैंक लोन अप्रूव करते वक्त लेते हैं।

  • यह आमतौर पर लोन अमाउंट का 0.25% से 1% तक होता है।
  • कई बैंक इसमें GST भी जोड़ते हैं।

अगर आपने ₹30 लाख का लोन लिया है, तो प्रोसेसिंग फीस ₹7,500 से ₹30,000 तक हो सकती है।

लीगल और टेक्निकल जांच शुल्क (Legal & Technical Charges)

बैंक यह सुनिश्चित करते हैं कि:

  • प्रॉपर्टी पर कोई कानूनी विवाद न हो।
  • प्रॉपर्टी का मूल्यांकन ठीक से किया जाए।

इसलिए वे विशेषज्ञों को भेजते हैं, जिसकी फीस ग्राहक से वसूली जाती है। ये फीस ₹3,000 से ₹10,000 तक हो सकती है।

स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज

यह एक बड़ा खर्च होता है जो लोन का हिस्सा नहीं होता, लेकिन घर की खरीद के लिए जरूरी होता है।

  • स्टाम्प ड्यूटी राज्य के अनुसार 5% से 7% तक होती है।
  • रजिस्ट्रेशन फीस 1% तक हो सकती है।

स्विचिंग चार्ज (Conversion Charges)

अगर आप अपने लोन को:

  • Fixed Rate → Floating Rate या
  • Floating Rate → Fixed Rate में बदलना चाहते हैं,

तो बैंक इसके लिए ₹5,000 से ₹15,000 तक का स्विचिंग चार्ज ले सकते हैं।

प्रीपेमेंट और फोरक्लोजर चार्ज

अगर आप लोन को समय से पहले चुकाना चाहते हैं:

  • कुछ बैंक प्रीपेमेंट पर चार्ज लगाते हैं (खासकर Fixed Rate लोन पर)।
  • फोरक्लोजर (लोन पूरा बंद करना) पर भी 2% तक का चार्ज लग सकता है।

Note: RBI के नियमों के अनुसार, Floating Rate Home Loans पर कोई प्रीपेमेंट या फोरक्लोजर चार्ज नहीं लग सकता।

इंस्योरेंस प्रीमियम (Loan Insurance)

कुछ बैंक आपको लोन के साथ-साथ Loan Protection Insurance लेने की सलाह देते हैं।

  • यह वैकल्पिक होता है लेकिन कई बार अनिवार्य कर दिया जाता है।
  • यह भी ₹25,000 से ₹75,000 तक का एक्स्ट्रा खर्च हो सकता है।

स्मार्ट सुझाव (Smart Tips to Save on Home Loan Charges)

  1. बैंक ऑफर और त्योहारी स्कीम्स पर नज़र रखें – कई बैंक इन फीसों पर छूट देते हैं।
  2. Compare करें: लोन लेने से पहले 3-5 बैंकों से प्रोसेसिंग फीस और टर्म्स की तुलना करें।
  3. Documentation Complete रखें: अधूरे डॉक्युमेंट्स के कारण रिव्यू चार्ज या दोबारा वैल्यूएशन जैसी समस्याएं होती हैं।
  4. CIBIL स्कोर अच्छा रखें: अच्छा स्कोर होने पर बैंक कम ब्याज और कम चार्जेस की पेशकश करते हैं।

निष्कर्ष:

होम लोन लेते समय EMI के अलावा भी कई hidden charges होते हैं, जिन्हें समझना बेहद जरूरी है। सही जानकारी और स्मार्ट प्लानिंग से आप न सिर्फ इन चार्जेस को कंट्रोल कर सकते हैं, बल्कि एक समझदारी से लोन लेकर अपने घर का सपना भी पूरा कर सकते हैं।

अगर आप 2025 में होम लोन लेने का प्लान बना रहे हैं, तो इन चार्जेस को अपनी EMI कैलकुलेशन में जरूर शामिल करें।